डॉ. महेंद्र लाल सरकार द्वारा 29 जुलाई, 1876 को स्थापित, आईएसीएस भारत का सबसे पुराना संस्थान है जो मूल विज्ञानों के उन्नत क्षेत्रों में मौलिक अनुसंधान के लिए समर्पित है। प्रोफेसर सी वी रमन ने 1907 से 1933 के दौरान आईएसीएस में काम किया, और यहीं पर उन्होंने प्रसिद्ध रमन प्रभाव की खोज की, जिसके लिए उन्हें 1930 में भौतिकी में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। प्रत्येक वर्ष, संस्थापक की जयंती 02 नवंबर के उपलक्ष्य में, वैज्ञानिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र की किसी एक प्रतिष्ठित हस्ती द्वारा ‘महेंद्र लाल सरकार स्मृति व्याख्यान’ आयोजित किया जाता है। इस वर्ष ‘महेंद्र लाल सरकार स्मृति व्याख्यान’ विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के माननीय सचिव, प्रोफेसर अभय करंदीकर द्वारा दिया गया।
विभिन्न गतिविधियों के बीच, माननीय सचिव ने आईएसीएस परिसर के भीतर स्थित ‘मयूराक्षी गर्ल्स हॉस्टल’ का उद्घाटन किया, जिसमें एक चिकित्सालय (मेडिकल सेंटर) तथा एक क्रेच (शिशु देखभाल केंद्र) सुविधा से भी सुसज्जित है। उन्होंने कुछ प्रमुख वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं जैसे डिवाइस फिजिक्स लैब, बैटरी मैटेरियल्स लैब, ड्रग डिजाइन लैब और क्रायो-टेम लैब का भी दौरा किया। प्रोफेसर करंदीकर का प्रेरक व्याख्यान पूरी तरह खचाखच भरा हुआ था, जिसमें न केवल आईएसीएस के शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे, बल्कि आसपास के स्कूलों के छात्रों और शिक्षक भी बड़ी संख्या में शामिल हुए थे।
आईएसीएस हमारे माननीय सचिव का हार्दिक स्वागत कर और उनके द्वारा व्याख्यान देने के लिए हृदय से आभारी है, विशेषकर इस ऐतिहासिक अवसर पर जब आईएसीएस शीघ्र ही अपनी 150वीं वर्षगांठ का उत्सव मनाने वाला है।