मैटेरियल्स साइंस सेमिनार
वक्ता: डॉ. पार्थ माइति
टॉक का शीर्षक: नवीनीकरणीय ऊर्जा अनुप्रयोगों के लिए सेमीकंडक्टर सामग्रियों में चार्ज कैरियर डायनामिक्स को समझना और अनुकूलित करना
दिनांक: 9 जून 2025, एस एन बोस हॉल, अपराह्न 3:00 बजे
अवधारणा: ऊर्जा सामाजिक-आर्थिक जीवन के लिए अनिवार्य है। क्वांटम डॉट्स, क्वांटम वायर, क्वांटम वेल आदि के संदर्भ में कम आयामी सेमीकंडक्टर सामग्री अपने उत्साहजनक फोटोफिजिकल गुणों के कारण नवीनीकरणीय ऊर्जा अनुप्रयोगों में व्यापक रूप से अध्ययन की जाती हैं। धातु हलाइड पेरोव्स्काइट्स अपने आकर्षक फोटोफिजिकल गुणों जैसे उल्लेखनीय प्रकाश अवशोषण, लंबी कैरियर प्रसार लंबाई और रासायनिक संरचना को अनुकूलित करके प्राप्त ट्यूनेबल बैंडगैप के कारण दुनिया भर में ऐसे अनुप्रयोगों के लिए सामग्रियों की एक उभरती हुई श्रेणी को दर्शाते हैं। यद्यपि ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, विशेष रूप से फोट फोटोवोल्टिक (सौर सेल) के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, फिर भी डायमेंशनलिटी (आयामिकता) में परिवर्तन के साथ हॉट कैरियर डायनामिक्स का अभी तक पर्याप्त रूप से अध्ययन नहीं किया गया है। ऐसे फोटॉन, जिनकी ऊर्जा बैंडगैप से अधिक होती है, चार्ज कैरियर्स को बैंडगैप से ऊपर की ऊर्जा अवस्थाओं तक उत्तेजित कर देते हैं। इसके बाद, ये कैरियर्स तेज़ी से वापस बैंडगैप की किनारे वाली अवस्था में लौट आते हैं और इस प्रक्रिया में बैंडगैप से अधिक ऊर्जा व्यर्थ हो जाती है, यानी गर्मी के रूप में नष्ट हो जाती है। इस अंतर्निहित प्रक्रिया में चार्ज कैरियर्स के बैंडगैप के किनारे पर पुनर्संयोजन से पहले होने वाली रैपिड हॉट कैरियर कूलिंग की यह स्वाभाविक प्रक्रिया सेमीकंडक्टर सामग्री में ऊर्जा हानि का एक प्रमुख कारण है, जो उनकी फोटोवोल्टिक (सौर) कार्यक्षमता को सीमित करती है। इस व्याख्यान में चर्चा की जाएगी कि Shockley-Queisser सीमा से परे सौर सेल की दक्षता को किस प्रकार बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए आवश्यक है कि हॉट कैरियर्स की कूलिंग की संकीर्ण समय-सीमा को पार किया जाए और उर्जा स्तरों के असंतुलन को सुलझाया जाए, जिससे अवशोषित सेमीकंडक्टर से हॉट कैरियर्स को प्रभावी ढंग से निकाला जा सके।
नारायण प्रधान
अध्यक्ष- स्कूल ऑफ मैटेरियल्स साइंसेज